विकास और विरासत के समन्वय से नए आयाम गढ़ रहा उत्तराखंड
संपादक/जितेंद्र नैय्यर
देहरादून।देवभूमि उत्तराखंड विकास और विरासत के समन्वय के साथ निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
श्री केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में रोप-वे परियोजना को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगभग ₹4,000 करोड़ की लागत से 19 किलोमीटर लंबे रोप-वे के निर्माण की योजना से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है।
सरकार का जोर उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास को गति देने पर है। केदारनाथ सहित प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों में सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को विकास, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विकास और विरासत का यह संतुलन उत्तराखंड को आधुनिक, समृद्ध और आत्मनिर्भर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
