बजट सत्र का पांचवा दिन : एलपीजी गैस को लेकर कांग्रेस विधायकों का धरना
भराड़ीसैंण(चमोली)। भराड़ीसैंण में बजट सत्र के पांचवें दिन आज फिर एलपीजी गैस को लेकर कांग्रेस विधायकों ने धरना दिया। जब सत्र शुरू उस समय कांग्रेस विधायक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। देश व प्रदेश में एलपीजी सिलिंडरों की लगातार हो रही किल्लत के विरोध में आज विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन कर आम जनता की आवाज़ बुलंद की। कांग्रेस विधायकों का कहना था की रसोई गैस की समय पर आपूर्ति न होने के कारण प्रदेश की माताओं-बहनों और आम परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता की इस गंभीर समस्या को सरकार के सामने मजबूती से रखने और जल्द समाधान की मांग को लेकर यह विरोध दर्ज कराया गया। सरकार एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके। देश की सत्ता ऐसे लोगों को सौंप दी, जो बार-बार जनता को लाइनों में खड़ा करने का काम कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण देश-प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो चुकी है। कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई ठप है, घरेलू सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है, और ऊपर से कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं। पहले नोटबंदी, कोरोना, अब गैस सिलेंडरों को लेकर ऐसे हालात बने हैं कि पूरे देश को लाइनों में खड़ा कर दिया गया। सीएनजी पंपों पर लंबी कतारें हैं, रसोई गैस के लिए माताएं-बहनें और बुजुर्ग घंटों लाइन में खड़े हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ गई है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। शादी-ब्याह के इस मौसम में होटल और कैटरिंग वालों ने रेट बढ़ा दिए हैं, क्योंकि गैस की भारी किल्लत है। घर से दूर पढ़ाई करने वाले कोचिंग स्टूडेंट्स भी परेशान हैं, बिना सिलेंडर के मैस, होटल और कैफे बंद होने की कगार पर हैं। अगर एक-दो दिन और यही हालात रहे तो त्राहिमाम मच जाएगा, लेकिन दु:ख की बात है कि भाजपा की डबल इंजन सरकारों को जनता की इस पीड़ा से कोई लेना-देना नहीं है। देश की जनता लाइनों में खड़ी है, और भाजपाई सत्ता में बैठे लोग सिर्फ भाषणबाजी में लगे हैं। और जब सदन में गैस संकट पर चर्चा की माँग की जाती है,तो सरकार कहती है ये केंद्र सरकार का विषय है,डबल इंजन की ये सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है।
भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र का आज पांचवा दिन था। उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित सभी मंत्री, विधायक सदन में मौजूद रहे। जब सत्र की शुरुआत हुई, उस समय रसोई गैस को लेकर कांग्रेसी विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठ धरना दे रहे थे। विधानसभा सत्र के चौथे दिन बृहस्पतिवार को भी सदन में एलपीजी आपूर्ति के मुद्दे पर हंगामा हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने पीठ से सरकार को एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। सदन में चर्चा न करने का आरोप लगा विपक्ष ने विरोध किया। इससे सदन की कार्यवाही 45 मिनट तक स्थगित रही।नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 पर प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। विस अध्यक्ष ने इस सूचना को नियम 58 में भोजनावकाश के बाद सुनने का विनिश्चय दिया। तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। लिहाजा इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति है, उससे केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सत्र शुरू होते ही सदन में विपक्ष ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाक आउट कर दिया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए विरोध किया। विपक्ष ने कहा पीठ से जब नियम 310 पर विनिश्चय दिया गया तो सरकार चर्चा करने से क्यों भाग रही है। प्रदेशभर में एलपीजी गैस के लिए लाइनें लग रही हंै। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट संचालकों को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। पक्ष व विपक्ष के बीच बहस होने से सदन की कार्यवाही 45 मिनट के स्थगित हुई। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल जिले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।
